तमिलनाडु में ‘200 यूनिट मुफ्त बिजली’ पर लगी शर्त से मचा सियासी बवाल, मुख्यमंत्री बनने के बाद थलापति विजय के फैसलों पर छिड़ी बहस

तमिलनाडु की राजनीति में नई पारी शुरू करने वाले अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही बड़े-बड़े चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। हालांकि उनके पहले ही फैसले ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। अपने फैंस के बीच ‘थलापति’ के नाम से मशहूर विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया, लेकिन इसके साथ जोड़ी गई शर्त अब विवाद की वजह बन गई है।

200 यूनिट मुफ्त बिजली, लेकिन सभी को नहीं मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने रविवार को तीन बड़े ऐलान किए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना की हो रही है। सरकार के मुताबिक यह सुविधा केवल उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिनकी दो महीने की बिलिंग अवधि में कुल बिजली खपत 500 यूनिट तक होगी।

यानी यदि किसी परिवार की बिजली खपत तय सीमा से अधिक हुई, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी शर्त को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई है। कई लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान सभी परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आते ही उसमें शर्त जोड़ दी गई।

महिलाओं की सुरक्षा और नशे के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स

मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में बढ़ते मादक पदार्थों के नेटवर्क पर सख्ती दिखाते हुए 65 एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स यूनिट बनाने की घोषणा भी की है। सरकार का दावा है कि ये यूनिट राज्यभर में नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाएंगी।

इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सिंगा पेन सिरप्पु अथिराडी पदाई’ नाम से विशेष टास्क फोर्स गठित करने का आदेश भी जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशेष बल महिलाओं से जुड़े मामलों और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

कर्ज में डूबे राज्य के सामने बड़ी आर्थिक चुनौती

मुख्यमंत्री विजय ने यह भी स्वीकार किया कि तमिलनाडु सरकार इस समय भारी आर्थिक दबाव से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है और सरकारी खजाना लगभग खाली हो चुका है। ऐसे में चुनावी वादों को लागू करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय स्थिति राज्य पर असहनीय बोझ डाल रही है, लेकिन सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी।

महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए बड़े वादे

विजय की पार्टी ने चुनावी घोषणापत्र में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का वादा किया है। इनमें 60 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना शामिल है।

इसके अलावा गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 22 कैरेट का 8 ग्राम सोना देने का भी वादा किया गया है, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 1.13 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही प्रत्येक परिवार को हर साल छह मुफ्त गैस सिलेंडर देने की घोषणा भी की गई है।

हर नवजात को सोने की अंगूठी देने का वादा

विजय ने ‘थाई ममन थंगा मोथिरम थिट्टम’ नाम की योजना का भी ऐलान किया है। इसके तहत तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर बच्चे को सरकार की ओर से सोने की अंगूठी और ‘बेबी वेलकम किट’ देने का वादा किया गया है। इस किट में बच्चों के कपड़े और पोषण से जुड़ी आवश्यक सामग्री शामिल होगी।

गरीब दुल्हनों को रेशमी साड़ी और ब्याज मुक्त लोन का आश्वासन

मुख्यमंत्री विजय ने गरीब दुल्हनों को सोने के साथ उच्च गुणवत्ता वाली रेशमी साड़ी देने का भी वादा किया है। वहीं महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है।

इन घोषणाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि भारी कर्ज में डूबे तमिलनाडु में इन योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार संसाधन कैसे जुटाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय सरकार के सामने लोकप्रिय वादों और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

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